#Kanpur-पुलिस को चकमा दे पिंटू सेंगर हत्यारोपी सऊद अख्तर और महफूज अख्तर ने कोर्ट में किया सरेंडर


Kanpur- पिंटू सेंगर हत्याकांड में फरार हत्यारोपी भाइयों सउद और महफूज अख्तर ने मंगलवार दोपहर को दिन दहाड़े पुलिस को चकमा देकर कानपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बता दें कि पिंटू सेंगर हत्याकांड में फरार हत्यारोपी भाइयों सउद और महफूज अख्तर के पूर्वांचल के बाहुबली नेता की शरण में जाने की आशंका थी।


 


सपा नेता जो अधिवक्ता भी है वो इनका रिश्तेदार है और वो शुरू से ही दोनों को बचाने की पैरवी में भी लगा था। वहीं दोनों आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में भी थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब फरार आरोपियों की धरपकड़ तेज की गई है तो इन दोनों ने नेता की शरण ली थी एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि हत्याकांड में चार आरोपी फरार हैं। महफूज के खिलाफ एनबीडब्ल्यू लेने को अर्जी दी गई थी। अन्य के खिलाफ पहले ही वारंट जारी हो चुका है।


 


पिंटू सेंगर पर 2017 में भी हुआ था कातिलाना हमला, समझौते के लिए दबाव बना रहे थे सऊद व महफूज अख्तर


 


तीन वर्ष पहले श्याम नगर पुल के पास भी बसपा नेता पिंटू सेंगर पर कातिलाना हमला किया गया था। यह हमला भी पप्पू स्मार्ट, सऊद अख्तर व महफूज ने ही कराया था। पिंटू हत्याकांड में पकड़े गए आरोपितों के इस कबूलनामे के बावजूद पुलिस ने आंख मूंदकर महफूज का नाम हटा दिया, जबकि पिंटू के भाई ने मुकदमे में उसे नामजद कराया था।


 


20 जून को पिंटू सेंगर की चकेरी के तिवारीपुर में गोलियों से छलनी करके हत्या कर दी गई थी। पुलिस डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपितों में शामिल महफूज अख्तर का नाम पुलिस ने केस से निकाल दिया। हत्याकांड में यह बात भी सामने आई थी कि पप्पू स्मार्ट, सऊद व महफूज ने ही पुरानी रंजिश के चलते 2017 में इन्हीं शार्प शूटरों के जरिए पिंटू सेंगर पर हमला कराया था। यह बात पप्पू के भाई तौसीफ ने भी पुलिस को बताई थी। उसने बताया था कि पिंटू के कंधे से गोली छूकर निकल गई थी। आरोपित पिंटू पर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे थे। चार्जशीट में भी पुलिस ने इसी मामले को पिंटू की पप्पू स्मार्ट व सऊद से रंजिश की वजह बताया है।


 


दोनों इंस्पेक्टरों को नोटिस जारी 


केस में महफूज अख्तर का नाम तत्कालीन इंस्पेक्टर राम कुमार गुप्ता ने हटाया था। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों के नाम बाहर करने के साथ ही मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता व वीरेंद्र पाल को 169 की कार्रवाई कर जेल से बाहर निकालने का प्रयास इंस्पेक्टर रवि कुमार श्रीवास्तव ने किया। जांच कर रहे एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दोनों विवेचकों को नोटिस जारी किया गया है। उनके बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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