बाल संरक्षण आयोग के नोटिस पर प्रियंका गाँधी बोली- बेशक करें कार्रवाई, मैं इंदिरा की पोती हूं भाजपा की अघोषित प्रवक्ता नहीं


उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को कानपुर स्थित बालिका संरक्षण गृह से जुड़े मामले पर 'भ्रामक' टिप्पणी करने के आरोप में गुरुवार को एक नोटिस भेजा और उनसे तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। जिसके जवाब में प्रियंका ने शुक्रवार को कहा कि इंदिरा गांधी की पोती हूं, बीजेपी की अघोषित प्रवक्ता नहीं। 


 


प्रियंका ने ट्वीट कर कहा कि जनता के एक सेवक के रूप में मेरा कर्तव्य यूपी की जनता के प्रति है, और वह कर्तव्य सच्चाई को उनके सामने रखने का है। किसी सरकारी प्रॉपगैंडा को आगे रखना नहीं है। यूपी सरकार अपने अन्य विभागों द्वारा मुझे फिजूल की धमकियां देकर अपना समय व्यर्थ कर रही है।" उन्होंने कहा कि "जो भी कार्यवाही करना चाहते हैं, बेशक करें। मैं सच्चाई सामने रखती रहूंगी। मैं इंदिरा गांधी की पोती हूं, कुछ विपक्ष के नेताओं की तरह भाजपा की अघोषित प्रवक्ता नहीं।"



बता दें कि गुरुवार को आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता ने प्रियंका को भेजे नोटिस में कहा कि आयोग ने तीन दिन के अंदर जवाब देने की अपेक्षा की है। नोटिस में कहा गया है कि अगर वह अपनी पोस्ट का खंडन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि प्रियंका ने कानपुर स्थित बालिका संरक्षण गृह में पिछले दिनों 57 लड़कियों के कोविड-19 संक्रमित पाए जाने और उनमें से सात के गर्भवती होने की घटना की तुलना बिहार के मुजफ्फरपुर की एक घटना से करते हुए दावा किया था कि ऐसी ही एक वारदात देवरिया जिले में भी हो चुकी है।


आयोग ने प्रियंका की इस पोस्ट का स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे भ्रामक तथा तथ्यहीन बताया था और इसे बालिकाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला करार दिया था। नोटिस में कहा गया है कि प्रियंका की इस भ्रामक पोस्ट की वजह से बालिका संरक्षण गृह की लड़कियों को मानसिक पीड़ा हुई है।


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