#Kanpur-पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक में कैश खत्म, ग्राहकों ने किया हंगामा।


कानपुर-बेनाझाबर स्थित पीपुल्स कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड ने वित्तीय तरलता यानी कैश न होने की सूचना चस्पा कर ग्राहकों का भुगतान रोक दिया है। यस बैंक से प्रवर्तित इस सहकारी बैंक ने 12 मई को सूचना चस्पा की है। बैंक ने ऑनलाइन पेमेंट, आरटीजीएस, एनईएफटी आदि पर भी रोक लगा दी है। बैंक में हजारों खाताधारकों का करीब 80 करोड़ रुपये जमा है। ग्राहक अपनी रकम निकालने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) से दिशा निर्देश मांगे जाने का हवाला देकर उन्हें लौटाया जा रहा है जिसको लेकर शुक्रवार कुछ खाताधारकों ने हंगामा किया जिसके बाद कर्नलगंज थाने की पुलिस ने मौके पर आकर समझा बुझाकर मामले को शान्त करवा दिया। 


इस बैक शाखा में कई स्कूल- कॉलेज का वेतन आता है। ऐसे में यहां खाताधारकों की संख्या भी अधिक है और भुगतान के लिए लंबी लाइन भी लगती है। ग्राहक निकासी के लिए आ रहे हैं लेकिन खाली हाथ लौट रहे हैं। रतनलाल नगर निवासी खाताधारक दिलीप अंशवानी का कहना है उनका और उनकी पत्नी,बेटी का बैक में खाता है। वो कई बार बैंक गए लेकिन उन्हें खाते से पैसे नहीं निकालने दिया जा रहा है। कह रहे हैं, रिजर्व बैंक से निर्देश आ जाएंगे, फिर भुगतान करेंगे। उनकी तरह सैकड़ों लोग परेशान होकर लौट रहे हैं।



बैंक के उप प्रबंधक आलोक कुमार का कहना है कि बैंक के पास इस समय पैसा नहीं है लेकिन बैंक बंद नहीं किया गया है बल्कि लेन-देन रोका गया है। बैंक आरबीआइ लाइसेंस धारक और बीमित है, इसलिए सभी का भुगतान जरूर होगा। अभी आरबीआइ के दिशा-निर्देश का इंतजार है। यस बैंक के आइएफएस कोड से चलता है बैंक पीपुल्स कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड यस बैंक के इंटरनेशनल फाइनेंसिशल सिस्टम कोड (आइएफएससी) से चलता है। माना जा रहा है कि इसमें यस बैंक का बड़ा शेयर है। इसीलिए पाबंदियों से जूझ रहे यस बैंक की स्थिति खराब होते ही इस बैंक की भी वित्तीय हालत खस्ता हो गई। वहीं, बैंक अधिकारी भले ही कह रहे हैं कि आरबीआइ को पत्र भेजा गया है लेकिन बैंकिंग सूत्र दावा कर रहे हैं कि कुछ वित्तीय अनियमितताओं के चलते आरबीआइ ने बैंक पर पाबंदी लगा दी है।


बैंक के सीईओ राजीव अवस्थी का कहना है कि रिजर्व बैंक को पत्र लिखा गया है वहाँ से जैसे निर्देश मिलेंगे वैसा किया जाएगा। वसूली के लिए लगाया नीलामी का नोटिस बैंक ने दिए गए ऋण की वसूली न होने पर कुछ कर्जदारों की संपत्ति नीलाम करने की भी तैयारी की है। इसका भी नोटिस बैंक के बाहर चस्पा है। हालांकि यह रकम खाताधारकों की जमा रकम के मुकाबले बेहद कम है।


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