#Kanpur-कोरोना के भय से लोग ले रहे मनोरोग चिकित्सक का सहारा,आ रहे सैकड़ो मरीज

कानपुर-कोरोना संकट की सुनामी को थामने के लिए इसके बचाव के लिए लॉकडाउन-3 17 मई तक बढ़ा दिया है ऐसे में मनोरोगियों मरीजो की संख्या से मनोरोग विशेषज्ञ हलकान है । मरीज शोशल साइट व कोरोना के अनाप सनाप मोबाइल पर आ रहे मैसेज से मरीजो को मनोरोग जैसी वीमारी चरम सीमा पर है। लोग अज्ञात भय के चलते लोग मनोरोग डॉ का सहारा ले रहे है साथ प्रतिदिन सैकड़ो मरीज  मनोरोग चिकित्सक के पास पहुंच रहे है और वीडियो कॉल के जरिये डॉ से काउन्सलिंग व इससे होने वाली एंजायटी के शिकार हो रहे है यूपीटीवी लाइव की टीम ने मनोरोग विशेषज्ञ से इस मामले पर डॉ से बातचीत की।


मनोरोग विशेषज्ञ डॉ तरुण निगम ने बताया कि हमारी हेल्पलाइन पर प्रतिदिन सैकड़ो कॉल आ रहे है जिनमे  हमारे पुराने पेशेंट है और अधिकांश नए मरीजो के कॉल आ रहे है जिनमे ज्यादातर कोरोना को लेकर उलझन ,घब राहट, बैचेनी,डिस्प्रेशन के मरीज ज्यादा है। जो नशा करते थे उन्हें नशा नही मिल पा रहा है जो काम करते थे उन्हें वेरोजगारी हो रही है जिनके पास पैसा नही है। पैसा नही है कमा ने कोलेकर चिंता हो रही है  जिसको लेकर आगे की पढ़ाईव कमाई को लेकर खाने व पढ़ाने की चिंता व खाने के लाले हो गए है।इन सब की चिंता को लेकर मरीज हमारे पास आ रहे है। सफाई को लेकर किसी को खांसी आ रही है किसी को छींक आ रही है तो किसी को बुखार आ रहा है इन सबको लेकर सबके मन मे संश्योर शंका हो रही है कि हमे कोरोना तो नही हो गया है।इन सब को लेकर मरीज फोन कॉल व वीडियो कॉल के जरिये हमारे पास आ रहे है अगर हम लगता है कि कोई लक्षण दिखता है तो उनको बताते है कि वो अपने नजदीकी अस्पताल में जा कर अपनी जांच करवाले  ओर चिंता व घबराहट होती है उन्हें हम फोन पर  दवा का पर्चा लिख देते है और जब दिक्कत है तो उन्हें हम अपने पास बुलाते है अपने घर पर उनकी काउन्सलिंग करते जिससे उन्हें आराम मिलता है।जब लॉक डाउन बढेगा तो चिंता व घबराहट के केस के आंकड़े बढ़ने वाले है। घर पर एक जगह रहते मानसिक समस्याये बढ़नी ही है।प्रकोस न को लेकर वो अपने रूटीन को मेंटेन रखे ,व्यायाम करें ,संतुलित भोजन करे अपने बजन को न बढ़ने दे योग व प्राणायाम का सहारा ले  आप रीडिंग करे अधिकांश होवी जो छूट गयी थी उन्हें मेंटेन करे।कोरोना के भय से दूर करने के लिए सोशल मीडिया व फेक न्यूज व फ़ॉरबर्ड  मैसेज आदि को ऐवाईट करे। सरकारी साइट पर जाए और उचित जानकारी देखे ।


पीड़ित मरीज अभिषेक निगम का कहना है इस समय काफी मानसिक संतुलन बिगड़ गया 15 लाख लोन लिया था एमबीए  की डिग्री के लिए लोन लिया था क्योकि एन्टरशिप का टाइम चल रहा था कम्पनियो से ऑफर मिल रहा था।कोरोना के चलते कंपनी ने ऑफर केंसिल कर दिया है।
अब न तो जॉब है और फादर भी जॉब पर नही जा पा रहे है।डिफरेंट साइट्स पर मेसेज आते है कि कोरो ना से उबरने में अभी बक्क्त लग सकता है।लोन कैसे चुकायेगें रोजी रोटी की भी दिक्कत बढ़ने वाली कोरोना को लेक्रर कब सुबह सर रात ओर रात से सुबह हो जाती है नींद नही आती अजीब डर लगा रहता है


वही एक महिला की माने तो सबसे बड़ा डर लगा रहता है कि यह कब खत्म होगा।हमारे घर मे 60 वर्ष के ऊपर के लोग घर मे छोटे छोटे बच्चे है कोई कही जा नही रहा को कही आ नही रह हर समय टेंशन वनि रहती है।घर मे सभी टेंशन में है घर मे किसी मो छीक भी आ जाती है।खांसी आ जाती है साथ मे फ्लू भी चल रहा है तो मन मे चिंता हो जाती है कि कही यह कोरोना के  तो नही है टेस्टिंग कराना भी इतना आसान नही है इसलिए डॉ के पास आये है कि कही कोई फ्लू है या कोरोना है।बहुत घबराहट होती है बाहर जाने में किसी के संपर्क में न आ गए हो जो संक्रिमित हो सब्जी ,घर आदि का सामान लेने के लिए बाहर जाना पड़ता है हम तो सचेत है इस महाबीमारी को लेकर रात दिन नींद ही नही आती मन मे कई तरह के विचार आते रहते है।


Comments

Popular posts from this blog

रूस कोविड-19 टीका: दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन 12 अगस्‍त को होगी पंजीकृत

Covid19 Treatment: दाद-खाज-खुजली और हाथी पांव की दवा से मर जाता है कोरोना वायरस, खर्च 25 से 30 रुपए

यूपी- 13 आईपीएस अफसरों समेत आठ जिलों के देर रात बदले कप्तान, देखें लिस्ट