#Kanpur-कोरोना का ख़ौफ़ हुआ कुछ कम, एक्टिव केसों से अधिक हुआ रिकवर होने वालों का आकड़ा


कानपुर- जिले में कोरोना वायरस के संक्रमित नए मरीज मिलने में एक तरह से ब्रेक सा लग गया है। लगातार सैंपलिंग के बाद भी अब पॉजिटिव आने वाले पेशेंट्स की संख्या बीते 5 दिनों से काफ़ी कम हुई है। इसके अलावा लगातार पुराने मरीजो की रिकवरी से कोरोना से जंग लड़ रही पूरी सरकारी मशीनरी राहत की सांस भी ले रही है। हालांकि अभी भी वायरस के संक्रमण का खतरा नहीं टला है। फिर भी शहर के सबसे बड़े हॉटस्पॉट एरिया से स्वास्थ्य विभाग की रैंडम सैंपलिंग के नतीजों ने जरूर अच्छे नतीजे मिले है। कर्नलगंज, कुलीबाजार समेत बड़े हॉटस्पॉट क्षेत्रो में वायरस का कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है। इससे संक्रमण के फैलने की रफ्तार काफी हद तक थमी है। बता दें कि कानपुर में बुधवार को सामने सिर्फ 1 नया केस आया पटकापुर के रहने वाले सब्जी विक्रेता की गर्भवती पत्नी संक्रमित पाई गई जिसके बाद पटकापुर इलाके को नया हॉटस्पॉट घोषित कर पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज़ किया गया इसके अलावा संक्रमित के परिवार को आइसोलेट कर उसकी कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गयी है। वही आज 17 मरीज स्वस्थ होकर डिस्‍चार्ज किये गए ठीक होने वालों का आंकड़ा एक्टिव केसेज से ज्‍यादा हुआ। कुल केस 308, एक्टिव 123, ठीक हुए 178, मौतें 7


कारगर रैंडम सैंपलिंग से सफलता


हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से कर्नलगंज, बजरिया,चमनगंज, कुलीबाजार के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बीते दिनों 250 लोगों की रैंडम सैंपलिंग कराई. रैंडम सैंपलिंग में हॉटस्पॉट एरियाज में रोज जाने वाले सब्जी वालों, होम डिलीवरी करने वालों, वहां तैनात पुलिस और सफाई कर्मियों में वायरस के संक्रमण का पता लगाने के सैंपल लिए गए. इसमें से 178 की रिपोर्ट निगेटिव निकली है जबकि बाकी की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फील्ड सर्विलांस का काम देख रहे एक डॉक्टर बताते हैं कि यह राहत की बात है। कि वायरस का वहां आने जाने वालों में इंफेक्शन नहीं मिला है। इसका यही मतलब है कि हम वायरस को उस एरिया में काफी सफलता से कर्ब किया गया है. हमने इन बड़े हॉटस्पॉट एरियाज में वायरस के स्प्रेड को रोकने के लिए कई स्टेप्स में काम किया। जिसके अब अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि वायरस का स्प्रेड इन इलाकों में थमा है।


स्प्रेड को कैसे कर रहे काबू
1- किसी मरीज के पॉजिटिव आने के बाद उसके घर को एपीसेंटर मानते हुए 500 मीटर एरिया को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया जाता है
2- पेशेंट्स के परिजनों समेत उसके संपर्क में आने वाले सभी लोगों को क्वारंटीन करते हुए उनकी जांच कराई जाती है।
3- हॉटस्पॉट एरिया में डोर टू डोर सर्वे करते हुए संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है। साथ ही पूरे इलाके को सेनेटाइज किया जाता है।
फैक्ट फाइल
150- पेशेंट्स कुलीबाजार, कर्नलगंज हॉटस्पॉट से


6657- सैंपल्स की अब तक आई जांच रिपोर्ट


6355- सैंपल्स की रिपोर्ट निगेटिव
581- सैंपल्स की रिपोर्ट पेंडिंग


सीएमओ डॉ अशोक शुक्ला ने बताया कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पूल सैंपलिंग के बाद अब सटीक रेंडम सैपलिंग की जा रही है। बीते दिनों प्रमुख हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रेंडम सैंपलिंग कराई गई थी। जिसके अच्छे नतीजे मिले हैं। काफी हद तक हम वायरस के स्प्रेड को रोकने में कामयाब होते दिख रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेसिंग के साथ लॉकडाउन का पालन अभी करते रहना होगा।


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