कानपुर-कोरोना पॉजिटिव प्रॉपटी डीलर का मौत से पहले कार्डियोलॉजी में भी हुआ था इलाज, इमरजेंसी सील


कानपुर- मृत प्रापर्टी डीलर के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य महकमे में भी भूचाल सा आ गया है। प्रापर्टी डीलर को पहले कानपुर के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान] की इमरजेंसी में लाया गया था और वहां उसका ईसीजी व एक्स-रे किया गया था। इसके बाद कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी को बंद कर एचडीयू कक्ष में नई इमरजेंसी बनाई गई है। साथ ही मुख्य प्रवेश द्वार भी बंद कर दिया गया है। अब लोग ऑक्सीजन प्लांट की तरफ से अस्पताल में प्रवेश कर सकेंगे। प्रापर्टी डीलर को पनेशिया अस्पताल भी लाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने उसे गेट से ही लौटाने का दावा किया है।


कॉर्डियोलॉजी में हुआ था एक्स-रे और ईसीजी


रोशन नगर निवासी 52 वर्षीय प्रापर्टी डीलर को रविवार को गंभीर हालत में हैलट के कोविड-19 अस्पताल के न्यूरो साइंस सेंटर स्थित कोविड आइसीयू में भर्ती कराया गया था। मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार प्रापर्टी डीलर को हार्ट अटैक पड़ने की आशंका में स्वजन पहले उसे कार्डियोलॉजी लेकर गए थे। यहां एक्स-रे व ईसीजी कराया गया। रिपोर्ट में हृदय संबंधी बीमारी न होने और निमोनिया की आशंका जताकर कहीं और ले जाने के लिए कहा। स्वजन उन्हें कॉर्डियोलॉजी से काकादेव स्थित पनेशिया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टरों ने रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें हैलट ले जाने की सलाह दी थी।


अस्पताल प्रबंधन ने बताई ये बात


पनेशिया के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास शुक्ला का कहना है कि मरीज के संक्रमित होने की सूचना मिलने पर सीसीटीवी फुटेज देखी गई। मरीज शाम 6.30 बजे एंबुलेंस से आया था। चूंकि हमारे यहां मरीज बाहर ही देखे जा रहे हैं, इसलिए ड्यूटी डॉक्टर बाहर गए और ग्लब्स पहनकर मरीज के कागज देखे। सांस की समस्या होने पर सीधे हैलट भेज दिया गया। कोई डॉक्टर और कर्मचारी उसके संपर्क में नहीं आया था। सभी काफी दूर खड़े दिखाई पड़ रहे हैं।


लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान के निदेशक प्रो. विनय कृष्ण ने बताया कि मरीज रविवार शाम 5.40 बजे इमरजेंसी आया था। उसकी सांस फूल रही थी। इमरजेंसी ड्यूटी डॉक्टर ने ईसीजी और एक्स-रे करवाया था। उसके संपर्क में एक डॉक्टर और छह पैरामेडिकल स्टाफ आए हैं। सभी पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट में थे, इसलिए एक्सपोजर की आशंका नहीं है। फिर भी एहतियातन इमरजेंसी कक्ष बंद कराकर एचडीयू कक्ष में नई इमरजेंसी शुरू कराई है, ताकि अन्य मरीज परेशान न हों। मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है। ऑक्सीजन प्लांट की तरफ से थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश की अनुमति होगी। अस्पताल में रोज सैनिटाइजेशन हो रहा है। मरीजों से अपील भी है कि वह हल्की-फुल्की समस्या पर न आएं। डॉक्टर से फोन पर परामर्श लें और पुराने पर्चे पर लिखी दवाएं खाएं।


उधर, हैलट के प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या के अनुसार मृतक को निमोनाइटिस था। सांस फूल रही थी। जांच के लिए नमूना भेजा गया था। सोमवार देर शाम आई रिपोर्ट में उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उसकी सोमवार की भोर पहर मौत हुई है।


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